बिहार के पूर्वी चंपारण में एक आरटीआई कार्यकर्ता को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिए जाने का मामला सामने आया है. हत्या उस वक्त की गई जब आरटीआई कार्यकर्ता एक मामले में कोर्ट में गवाही देने के बाद घर लौट रहे थे. कहानी के मुताबिक राजेंद्र सिंह इलाके के निडर आरटीआई कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे. भ्रष्टाचार के मामलों में आरटीआई की मदद से वह पहले भी कई महत्वपूर्ण खुलासे कर चुके थे. इस सिलसिले में सिंह पर पहले भी कई हमले हुए थे जिसमें वह कई बार बाल—बाल बच चुके थे. लेकिन इस बार उन्हें मारने की साज़िश बड़े स्तर पर रची गई थी. कहा जा रहा है कि वह जिस मामले में मुब्तला थे, उससे कई बड़े अफसरों पर गाज गिर सकती थी. कैसे रची गई साज़िश और किस मामले के खुलासे की थी कोशिश? क्या है पूरी कहानी? देखें तफ्तीश.from Latest News क्राइम News18 हिंदी https://ift.tt/2yIRoIz
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